सेवा, संस्कार और पारिवारिक मिलन

📜 आशियाना में श्री मुक्तिनाथ सिंह जी के वर्षों पुराने भंडारे ने दिया ‘अमंगल’ को मिटाने का महा-संदेश “हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो” लखनऊ। ज्येष्ठ मास के छठे बड़े मंगल (9 जून 2026) पर लखनऊ का आशियाना क्षेत्र एक ऐसे भंडारे का साक्षी बना, जो केवल श्रद्धालुओं की क्षुधा शांत करने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह सेवा का पर्याय होने के साथ-साथ एक महान पारिवारिक और सामाजिक चेतना का जीवंत केंद्र भी है। यह भंडारा आयोजित किया गया मंगलमान अभियान के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री मुक्तिनाथ सिंह जी, उनके परिवार Read More

गोपेश्वर गौशाला में बड़ा मंगल 2026

मलिहाबाद की गोपेश्वर गौशाला में छठे बड़े मंगल पर एक भव्य और दिव्य सांस्कृतिक समागम का आयोजन हुआ। मंगलमान अभियान के चंदू सर और आलोक गुप्ता जी की उपस्थिति में हुए इस आयोजन ने दिखाया कि कैसे बड़ा मंगल अब लखनऊ की वैश्विक पहचान बन रहा है।

भव्य ‘माता तुलसी’ पौध भंडारा

लखनऊ के ऐतिहासिक बुड्ढेश्वर मंदिर में छठे बड़े मंगल पर ‘सुमन स्मृति सेवा संस्थान’ द्वारा भव्य ‘माता तुलसी’ पौध भंडारे का आयोजन हुआ। महंत रामू जी और अरुण कुमार श्रीवास्तव के सानिध्य में पर्यावरण संरक्षण और औषधीय जागरूकता के उद्देश्य से बांटे गए सैकड़ों पौधे।

​भक्ति से सेवा तक: रस्तोगी समाज का भंडारा

​”लखनऊ के रस्तोगी समाज द्वारा आयोजित भव्य ‘संगीतमय सुंदरकांड और विशाल भंडारा’ की एक झलक। साथ ही, आगामी ‘विशाल रक्तदान शिविर’ के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए किए जा रहे नेक प्रयासों की विस्तृत जानकारी।”

राजमाता अहिल्याबाई होल्कर

आज के ब्लॉग में जानिए भारत की महान शासिका और लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके न्यायप्रिय शासन और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के बारे में।

सृष्टि परिवर्तन बनाम दृष्टि परिवर्तन: पूर्ण सुख का ‘मंगलमान’ मार्ग

“सृष्टि कितनी भी बदल जाए, भौतिक साधनों से पूर्ण सुख नहीं मिल सकता। लेकिन हमारी दृष्टि का एक छोटा सा सकारात्मक परिवर्तन हमें असीम आनंद से भर सकता है। लोक-कल्याण के जीवंत आंदोलन ‘मंगलमान’ के विशेष संदर्भ में जानिए सृष्टि परिवर्तन बनाम दृष्टि परिवर्तन का यह गहरा दर्शन, जो हमें समस्या नहीं बल्कि समाधान का हिस्सा बनना सिखाता है।”

श्री राम कॉलोनी में सजा ‘स्वच्छ हरित भंडारा’

लखनऊ की सुप्रसिद्ध बड़ा मंगल परंपरा के तहत श्री राम कॉलोनी में आयोजित हुआ भव्य ‘स्वच्छ हरित भंडारा’। मंगलमान अभियान के आग्रह पर श्री राम जानकी समिति ने थर्माकोल और प्लास्टिक को पूरी तरह वर्जित कर बायोडिग्रेडेबल पत्तलों का उपयोग किया और समाज के सामने ‘ज़ीरो-वेस्ट’ आयोजन का एक प्रेरक उदाहरण पेश किया। पढ़ें पूरी प्रेस विज्ञप्ति।

सनातनी चेतना का शंखनाद

“लखनऊ के गोमती नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। कुंवर पुनीत सिंह के आवास पर सजे इस धार्मिक समागम में सैकड़ों सनातनी बंधुओं और वरिष्ठ सांगठनिक पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। शंखध्वनि और वाद्य यंत्रों की थाप पर गूंजी प्रभु की चौपाइयों की विस्तृत रिपोर्ट और तस्वीरें यहाँ देखें।”

दुबग्गा में सजा ‘तुलसी पौध भंडारा’

“लखनऊ की ऐतिहासिक ‘बड़ा मंगल’ परंपरा में आस्था और पर्यावरण चेतना का एक अद्भुत संगम! जहाँ चारों ओर पूड़ी-सब्जी के भंडारे सजे थे, वहीं दुबग्गा के प्रसिद्ध बरदानी बाबा मंदिर में ‘सुमन स्मृति सेवा संस्थान’ द्वारा एक भव्य निःशुल्क ‘माता तुलसी पौध भंडारा’ आयोजित किया गया। जानिए कैसे सैकड़ों परिवारों को तुलसी के पौधे बांटकर धरा को ‘प्राणवायु’ देने और सनातन संस्कारों को सींचने की यह अनूठी पहल संपन्न हुई। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।”

मंगलमान जीवन का आधार

जीवन केवल सांस लेने या दिन काटने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक उत्सव है जिसे ‘उच्च विचारों’ की ऊर्जा के साथ जी भर कर जीना चाहिए। जब हम अपने विचारों को संकीर्णता से ऊपर उठाकर ‘मंगल’ (लोक-कल्याण) की ओर ले जाते हैं, तो हमारा अस्तित्व स्वयं ही सार्थक हो जाता है। उच्च विचार: मंगलमान की नींव मंगलमान का मूल मंत्र है—’सबका मंगल, सबका भला।’ उच्च विचारों का अर्थ है मन में ईर्ष्या, द्वेष और भय के स्थान पर प्रेम, करुणा और सेवा को स्थान देना। जब हम ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करते हैं और अपनी सोच को सकारात्मक रखते Read More