“सृष्टि कितनी भी बदल जाए, भौतिक साधनों से पूर्ण सुख नहीं मिल सकता। लेकिन हमारी दृष्टि का एक छोटा सा सकारात्मक परिवर्तन हमें असीम आनंद से भर सकता है। लोक-कल्याण के जीवंत आंदोलन ‘मंगलमान’ के विशेष संदर्भ में जानिए सृष्टि परिवर्तन बनाम दृष्टि परिवर्तन का यह गहरा दर्शन, जो हमें समस्या नहीं बल्कि समाधान का हिस्सा बनना सिखाता है।”
कार्यक्रम सूचनाएं
📜 इंदिरा नगर में सिंधी समाज ने छठे बड़े मंगल पर लगाया छप्पन भोग सा भव्य भंडारा "हर दिन मंगल हो,...
"हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो छठे बड़े मंगल पर लखनऊ में...
लखनऊ के व्यस्ततम दैनिक जागरण चौराहे पर छठे बड़े मंगल पर राज चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूर्णतः स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त भव्य...
लखनऊ में छठे बड़े मंगल पर तपती दोपहरी में लाखों श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने वाले जेएमडी खत्री परिवार, अग्रवाल ऑयल...
लखनऊ के जानकीपुरम में छठे बड़े मंगल पर पार्षद राजकुमारी मौर्या के नेतृत्व और पीयूष सिंह चौहान की उपस्थिति में कार्तिकेय...