भू-जल संकट -कारण तथा निवारण पर संगोष्ठी

29 मई 2022 दिन रविवार को सायं 05: 00 बजे से ब्राईट स्टार्ट कॉन्वेंट स्कूल ,मधुबन नगर लखनऊ में, मधुकर नगर के जयप्रकाश बस्ती तथा अम्बेडकर बस्ती में संयुक्त रूप से “भू-जल संकट -कारण तथा निवारण” विषय पर जागरूकता से सम्बन्धित गोष्ठी का आयोजन किया गया ,जिसमे नगर के बस्ती में रहने वाले सभी लोग सादर आमंत्रित किए गए थे। लगभाग 50 लोग उक्त गोष्ठी में शामिल हुए ! उक्त गोष्ठी में समाधान पर्यावरण, जानकीपुरम लखनऊ को विशेष रूप से मार्ग दर्शन हेतु आमंत्रित किया गया था ! समाधान पर्यावरण, जानकीपुरम लखनऊ से अध्यक्ष श्री यतीन्द्र गुप्ता जी तथा सचिव Read More

समाधान-पर्यावरण,लखनऊ द्वारा निःशुल्क पौध वितरण

15 अगस्त :स्वतंत्रता दिवस के 75 वें वर्ष के पुनीत अवसर पर समाधान-पर्यावरण,लखनऊ द्वारा, सात दिनों तक चलने वाली “प्रकृति संरक्षण प्रदर्शनी” के zoom webinar कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. दयानन्द लाल, सेवा निवृत्त IAS, द्वारा दीप प्रज्वलन एवं भारत माता को पुष्पांजलि करके, आज अपरान्ह 12 बजे MIIC 93 जानकीपुरम, लखनऊ स्थित हाल में किया गया ! उद्घाटन के पश्चात श्री अरुणेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा संकलित “प्रकृति संरक्षण” नामक पुस्तिका का विमोचन भी श्री दया नन्द लाल, श्री कुमार मोदी, श्री यतीन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा किया गया ! प्रदर्शनी में चित्रों द्वारा कूड़ा प्रबंधन, जल के संरक्षण, संचयन तथा रीसाइक्लिंग Read More

पर्यावरण संरक्षण से आगे बढ़कर अब प्रकृति संरक्षण की बातें करनी होंगी…डॉ.दयानन्द लाल

लखनऊ: 15 अगस्त :स्वतंत्रता दिवस के 75 वें वर्ष के पुनीत अवसर पर समाधान-पर्यावरण,लखनऊ द्वारा, सात दिनों तक चलने वाली “प्रकृति संरक्षण प्रदर्शनी” के zoom webinar कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. दयानन्द लाल, सेवा निवृत्त IAS, द्वारा दीप प्रज्वलन एवं भारत माता को पुष्पांजलि करके, आज अपरान्ह 12 बजे MIIC 93 जानकीपुरम, लखनऊ स्थित हाल में किया गया ! कोरोना से सुरक्षा और उसके निमित्त सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनी का उद्घाटन Zoom webinar पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया था ! उद्घाटन के पश्चात श्री अरुणेन्द्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा संकलित “प्रकृति संरक्षण” नामक Read More

प्रकृति संरक्षण प्रदर्शनी on Zoom

75 वे स्वतंत्रता दिवस के पुनीत अवसर पर: समाधान-पर्यावरण,लखनऊ द्वारा, सात दिनों तक चलने वाली “प्रकृति संरक्षण प्रदर्शनी” का उद्घाटन, Zoom webinar पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है ! उक्त प्रदर्शनी के उद्घाटन से संबंधित कार्यक्रम सलग्न आमंत्रण पत्र के अनुसार होगा ! Zoom webinar कार्यक्रम को विशेषज्ञ एवं अनुभवी अधिकारियों द्वारा संबोधित किया जाएगा ! Topic: Prakriti Sanrakshan PradarshniTime: Aug 15, 2021 01:15 PM India Join Zoom Meetinghttps://us02web.zoom.us/j/82900295982?pwd=ZWJBcTJtVXJRR0lHUU9wNHhaYmVRZz09 Meeting ID: 829 0029 5982Passcode: 308753 प्रदर्शनी एवम पौध वितरण आम जनता के लिए 7 दिन खुला रहेगादिनांक 15 अगस्त को अपरान्ह 2 बजे से 6 बजे तक तथादिनांक Read More

75 वे स्वतंत्रता दिवस पर प्रकृति संरक्षण प्रदर्शनी

75 वे स्वतंत्रता दिवस के पुनीत अवसर पर: समाधान-पर्यावरण,लखनऊ द्वारा, सात दिनों तक चलने वाली “प्रकृति संरक्षण प्रदर्शनी” का उद्घाटन, कोरोना से सुरक्षा और उसके लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, Zoom webinar पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है ! उक्त प्रदर्शनी के उद्घाटन से संबंधित कार्यक्रम सलग्न आमंत्रण पत्र के अनुसार होगा ! Zoom webinar कार्यक्रम को विशेषज्ञ एवं अनुभवी अधिकारियों द्वारा संबोधित किया जाएगा ! webinar लिंक 13 अगस्त तक आप को शेयर कर दिया जाएगा ! प्रदर्शनी आम जनता के लिए 7 दिन (दिनांक 15 अगस्त को अपरान्ह 2 बजे Read More

प्रकृति – पीड़ा

प्रकृति ने बनाया; एक अद्भुत धरा को, नदियों से सजाया; पर्वतों की शृंखला को; पौधों से भरा था; फल-फूल भी लदा था, ऐसी सुसज्जित बगिया; मानव को मिला था प्रकृति ने बनाया;….. सूरज की ऊर्जा से सभी थे प्रफुल्लित; चाँद की शीतलता कर रही थी हर्षित; नदियों की कल कल, पवन की हलचल बारिश की अठखेलियों में, पौधे भी थे चंचल; प्रकृति ने बनाया’’’’’ युगों युगों में आया एक युग ये “कलयुग” स्वार्थ-जाल अपना, जब मानव ने बिछाया प्रकृति था अचंभित, धोखा हुआ ये भारी लाया था जिसे, देकर बौद्धिक क्षमता उसी ने वार करके, लम्बी है घात मारी ! Read More

पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्ष लगाये

स्कंद पुराण में एक सुंदर श्लोक हैअश्वत्थमेकम् पिचुमन्दमेकम्न्यग्रोधमेकम् दश चिञ्चिणीकान्।कपित्थबिल्वाऽऽमलकत्रयञ्च पञ्चाऽऽम्रमुप्त्वा नरकन्न पश्येत्।। अश्वत्थः = पीपल (100% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)पिचुमन्दः = नीम (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)न्यग्रोधः = वटवृक्ष(80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)चिञ्चिणी = इमली (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)कपित्थः = कविट (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)बिल्वः = बेल(85% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)आमलकः = आवला(74% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)आम्रः = आम (70% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)(उप्ति = पौधा लगाना) अभी भी कुछ बिगड़ा नही है, हम अभी भी अपनी गलती सुधार सकते हैं।औऱगुलमोहर, निलगिरी- जैसे वृक्ष अपने देश के पर्यावरण के लिए घातक हैं। शास्त्रों में पीपल को वृक्षों Read More

भण्डारे में प्रसाद बाँटने वालों और प्रसाद लेने वालों से एक आग्रह..

“भण्डारा हमारी श्रद्धा है, तो स्वच्छता हमारी जिम्मेदारी। स्वच्छता का ध्यान रक्खें, और प्रसाद का मान रक्खें ।।” भण्डारे के प्रसाद को Status symbol मत बनाएंः हम सामान्य तौर पर पूजा के निमित्त जो प्रसाद बांटते हैं हनुमानजी.को उसका ही भोग लगाएं और वितरित करें । माँ दुर्गा का प्रसाद पूडी, चना और हलवा है, हनुमान जी को लड्डू और बूंदी प्रसाद चढता है जो उनको प्रिय भी है । गर्मी होने के नाते शरबत रखना भी उचित होगा । भण्डारे में पूडी सब्जी तो उचित लगता है पर.. पुलाव, आइसक्रीम छोला चावल, कढी चावल इत्यादि क्या भण्डारे में प्रसाद Read More

बड़ा मंगल त्यौहार व पर्यावरण सुरक्षा

लखनऊ में प्रति वर्ष ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है । इसमें हिन्दू व मुसलमान , दोनों ही समुदायों के नागरिक बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं । यह त्यौहार लखनऊ की संमिश्रित संस्कृति का अनूठा उदाहरण है । यह त्यौहार भारत के और स्थानों में देखने को नहीं मिलता । बताया जाता है की इस त्यौहार का उद्गम १७१८ ईस्वी में है जब अवध के नवाब की बेगम को स्वप्न में हनुमान जी ने दर्शन दिए और उनकी प्रेरणा पर बेगम ने अलीगंज में स्थित पुराने हनुमान मंदिर का निर्माण कराया । तभी Read More