पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्ष लगाये

स्कंद पुराण में एक सुंदर श्लोक हैअश्वत्थमेकम् पिचुमन्दमेकम्न्यग्रोधमेकम् दश चिञ्चिणीकान्।कपित्थबिल्वाऽऽमलकत्रयञ्च पञ्चाऽऽम्रमुप्त्वा नरकन्न पश्येत्।। अश्वत्थः = पीपल (100% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)पिचुमन्दः = नीम (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)न्यग्रोधः = वटवृक्ष(80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)चिञ्चिणी = इमली (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)कपित्थः = कविट (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)बिल्वः = बेल(85% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)आमलकः = आवला(74% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)आम्रः = आम (70% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)(उप्ति = पौधा लगाना) अभी भी कुछ बिगड़ा नही Read More

भण्डारे में प्रसाद बाँटने वालों और प्रसाद लेने वालों से एक आग्रह..

“भण्डारा हमारी श्रद्धा है, तो स्वच्छता हमारी जिम्मेदारी। स्वच्छता का ध्यान रक्खें, और प्रसाद का मान रक्खें ।।” भण्डारे के प्रसाद को Status symbol मत बनाएंः हम सामान्य तौर पर पूजा के निमित्त जो प्रसाद बांटते हैं हनुमानजी.को उसका ही भोग लगाएं और वितरित करें । माँ दुर्गा का प्रसाद पूडी, चना और हलवा है, हनुमान जी को लड्डू और बूंदी प्रसाद चढता है जो उनको प्रिय भी है । गर्मी होने के नाते शरबत Read More

बड़ा मंगल त्यौहार व पर्यावरण सुरक्षा

लखनऊ में प्रति वर्ष ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है । इसमें हिन्दू व मुसलमान , दोनों ही समुदायों के नागरिक बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं । यह त्यौहार लखनऊ की संमिश्रित संस्कृति का अनूठा उदाहरण है । यह त्यौहार भारत के और स्थानों में देखने को नहीं मिलता । बताया जाता है की इस त्यौहार का उद्गम १७१८ ईस्वी में है जब अवध के नवाब की बेगम Read More