“मंगल भंडारा” एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ एक सेवा समर्पण भी -अरुणेंद्र कुमार श्रीवास्तव

मंगलवार का भंडारा हम सभी स्वेच्छा से धार्मिक अनुष्ठान के साथ सेवा भाव को ध्यान में रख कर करते हैं इसमें हमारा स्वयं का भाव बिहित होता है किसी अन्य के दबाव के कारण हम नहीं करते साथ ही हम इसके निमित्त धन का समर्पण भी करते हैं ! भंडारे पर हम बहुत व्यय करते है पर स्वच्छता पर बिलकूल ध्यान नहीं देते शाम तक भंडारा स्थल जो दृश्य प्रस्तुत करता अत्यंत कष्टकर होता ! Read More

हनुमान जी का कर्ज़ा……

राम जी लंका पर विजय प्राप्त करके आए तो कुछ दिन पश्चात राम जी ने विभीषण, जामवंत, सुग्रीव और अंगद आदि को अयोध्या से विदा कर दिया। तो सब ने सोचा हनुमान जी को प्रभु बाद में विदा करेंगे, लेकिन राम जी ने हनुमान जी को विदा ही नहीं किया। अब प्रजा बात बनाने लगी कि क्या बात है कि सब गए परन्तु अयोध्या से हनुमान जी नहीं गये। अब दरबार में कानाफूसी शुरू हुई Read More

Hanuman Chalisa in English

हनुमान चालीसा का अंग्रेजी में अनुवाद Read and fell blessed!! 🙏🏼🙏🏼🙏🏼 श्रीगुरु चरन सरोज रजIn the Lotus feet of my teacher/Guardian निज मन मुकुर सुधारि।I purify the mirror of my heart बरनउँ रघुबर बिमल जसुI illustrate the story of immaculate Rama जो दायकु फल चारि॥which bestows four fruits (The 4 Purusharth : desire, prosperity, righteousness, liberation) बुद्धिहीन तनु जानिकैConsidering myself as frail & unwise सुमिरौं पवनकुमार।I contemplate Son of Wind (Hanuman) बल बुद्धिविद्या देहु मोहिंto Read More

हनुमान जी के 108 नाम

हनुमान की उपासना से जीवन के सारे कष्ट, संकट मिट जाते है। माना जाता है कि हनुमान एक ऐसे देवता है जो थोड़ी-सी प्रार्थना और पूजा से ही शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। मंगलवार और शनिवार का दिन इनके पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं। उनके 108 पवित्र नाम… 1.आंजनेया : अंजना का पुत्र 2.महावीर : सबसे बहादुर 3.हनूमत : जिसके गाल फुले हुए हैं 4.मारुतात्मज : पवन देव के लिए रत्न जैसे प्रिय 5.तत्वज्ञानप्रद : Read More

हनुमान चालीसा में छिपे मैनेजमेंट के सूत्र…

कई लोगों की दिनचर्या हनुमान चालीसा पढ़ने से शुरू होती है। पर क्या आप जानते हैं कि श्री हनुमान चालीसा में 40 चौपाइयां हैं, ये उस क्रम में लिखी गई हैं जो एक आम आदमी की जिंदगी का क्रम होता है। माना जाता है तुलसीदास ने चालीसा की रचना मानस से पूर्व किया था। हनुमान को गुरु बनाकर उन्होंने राम को पाने की शुरुआत की। अगर आप सिर्फ हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो यह Read More

टहलने के साथ काढ़ा भी @जोनल पार्क

कोरोना के काल में जब देश अनलॉक होने की प्रक्रिया से गुजर रहा है और बहार निकलने की आवश्यकता हो रही है , संक्रमण का खतरा पहले से कही ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में अपनी सुरक्षा अपने को ही करना है। एक तो प्रयास करे कि जितना हो सके कम से कम बाहर निकले और जब भी निकले तो मास्क जरूर लगाये। प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अच्छे खान पान के साथ व्यायाम Read More

ई-भण्डारा @जोनल पार्क

दिनांक- 16/06/2020 (मंगलवार) समय- प्रातः 5-7 स्थान- जोनल पार्क, निकट राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी, एल डी ए कॉलोनी, लखनऊ मंगलमान, मंगल भाववर्धन का अभियान है। इसका उद्देश्य हर दिन को मंगल, हर मंगल को बड़ा मंगल और बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल करना है। इसी क्रम में दिये गए समय और दिन को कोरोना के विरूद्ध जनजागरण के साथ मंगल प्रसाद के रूप में प्रतिरोधक क्षमता वर्धक आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण किया जा रहा Read More

हनुमान जी का चित्र घर में कहाँ लगायें

श्रीराम भक्त हनुमान साक्षात एवं जाग्रत देव हैं। हनुमानजी की भक्ति जितनी सरल है उतनी ही कठिन भी। कठिन इसलिए की इसमें व्यक्ति को उत्तम चरित्र और मंदिर में पवित्रता रखना जरूरी है अन्यथा इसके दुष्परिणाम भुगतने होते हैं हनुमानजी की भक्ति से चमत्कारिक रूप से संकट खत्म होकर भक्त को शांति और सुख प्राप्त होता है। विद्वान लोग कहते हैं कि जिसने एक बार हनुमानजी की भक्ति का रस चख लिया वह फिर जिंदगी Read More

यातायात पार्क, कृष्णा नगर में काढ़ा वितरण

मंगलमान, मंगल भाववर्धन का अभियान है। इसका उद्देश्य हर मंगल को बड़ा मंगल करना है। वर्तमान समय में कोरोना के विरूद्ध जनजागरण मंगलकार्य है। इसी क्रम में मंगलवार 09 जून की सुबह 5-7 यातायात पार्क, कृष्णा नगर में जनजागरण के साथ मंगल प्रसाद के रूप में प्रतिरोधक क्षमता वर्धक आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण किया गया। मंगलमान अभियान का उद्देश्य है ।।हर मंगल हो बडा मंगल।। इसी को साकार करने के लिए मंगलवार की सुवह मंगलमान Read More

जब तक कोरोना तब तक सेवा कार्य-आरएसएस

कोरोना वायरस संक्रमण आपदा और उससे बचाव के लिए हुए लॉकडाउन के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) लगातार राहत कार्य और जनसेवा में लगा हुआ है। संघ ने इसे ‘कोविड सेवा’ नाम दिया है। संघ ने जानकारी दी है कि वह देश भर के लगभग ७० हजार स्थानों पर एक साथ राहत-कार्य चला रहा है। आरएसएस के लाखो कार्यकर्ता इस काम में लगे हुए हैं। स्वयंसेवक न सिर्फ़ लोगों के खाने-पीने का प्रबंध कर रहा Read More