भव्य ‘माता तुलसी’ पौध भंडारा

भंडारों में अनोखा सनातनी नवाचार: ‘सुमन स्मृति सेवा संस्थान’ ने लगाया पौध भंडारा

“हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो”

लखनऊ। ज्येष्ठ मास के छठे बड़े मंगल (9 जून 2026) के पावन अवसर पर जहाँ पूरी लखनऊ नगरी पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल, शरबत और कुल्फी के भंडारों के रस में सराबोर थी, वहीं बुड्ढेश्वर मंदिर प्रांगण में आस्था और पर्यावरण चेतना का एक ऐसा अनूठा और दिव्य नवाचार देखने को मिला जिसने इस महापर्व की महत्ता को और अधिक बढ़ा दिया।

अक्सर कहा जाता है कि लखनऊ का बड़ा मंगल अब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का महा-जागरण बन चुका है। इसी चेतना के अंतर्गत, सामाजिक संस्था ‘सुमन स्मृति सेवा संस्थान’ के तत्वाधान में एक भव्य और नि:शुल्क ‘माता तुलसी’ पौध वितरण भंडारा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह एक ऐसा अनोखा भंडारा रहा, जो श्रद्धालुओं की क्षुधा शांत करने के साथ-साथ धरा को हरी-भरी और इंसानी जीवन को दीर्घायु बनाने का महा-संकल्प लेकर आया था।

🌸 बुड्ढेश्वर धाम के महंत रामू जी द्वारा पावन शुभारंभ

बुड्ढेश्वर मंदिर के पवित्र प्रांगण में इस पुनीत कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी महंत श्री रामू जी के कर-कमलों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता तुलसी के पौधों का पूजन करके किया गया।

यह संपूर्ण आयोजन श्री अरुण कुमार श्रीवास्तव जी एवं क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों के विशिष्ट सानिध्य में संपन्न हुआ। जैसे ही मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को इस बात की जानकारी मिली कि आज यहाँ साक्षात ‘माता तुलसी’ का प्रसाद पौधों के रूप में वितरित हो रहा है, देखते ही देखते सैकड़ों नर-नारी, युवा और बच्चे कतारबद्ध होकर इस ‘हरित प्रसाद’ को ग्रहण करने के लिए उमड़ पड़े।

🌿 धार्मिक और औषधीय महत्व: प्रकृति को सहेजने का महान संदेश

संस्थान द्वारा आयोजित इस ‘तुलसी पौध भंडारा’ के पीछे एक अत्यंत दूरदर्शी और पावन उद्देश्य छिपा था। आयोजकों ने बताया कि सनातन धर्म में तुलसी जी को साक्षात देवी का रूप माना गया है और हर सनातनी घर के आंगन में उनका होना अनिवार्य है।

धार्मिक महत्व के साथ-साथ, तुलसी एक महान और अचूक औषधीय पौधा भी है जो हमारे आसपास के वातावरण को शुद्ध करता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। भीषण गर्मी और बदलते पर्यावरण के इस दौर में, समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हर घर तक औषधीय पौधों को पहुँचाना ही इस पुनीत कार्य का मुख्य ध्येय रहा।

🤝 कुशल प्रबंधन और कर्मठ सेवादारों की टोली

इस पूरे महा-आयोजन को सुव्यवस्थित और मर्यादित तरीके से संचालित करने में सुमन स्मृति सेवा संस्थान की पूरी टीम ने दिन-रात एक कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • श्री शारदा प्रसाद श्रीवास्तव जी (मैनेजिंग ट्रस्टी, सुमन स्मृति सेवा संस्थान)
  • श्री यशदीप श्रीवास्तव जी (मुख्य प्रबंधक एवं आयोजक)
  • श्री गौरव सिंह जी (प्रमुख सहयोगी)

इन सभी सेवाभावी पदाधिकारियों ने मंदिर परिसर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को आदरपूर्वक पौधे भेंट किए और उनसे इन पौधों को केवल ले जाने के बजाय, अपने घरों में रोपित कर उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया।

🙏 मीडिया और क्षेत्रीय जनता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन

कार्यक्रम के सफल समापन पर संस्थान के प्रबंधक श्री यशदीप श्रीवास्तव जी ने आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए उपस्थित सभी अतिथियों, प्रबुद्ध नागरिकों और विशेष रूप से मीडिया व पत्रकार बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से ही इस प्रकार के सकारात्मक और पर्यावरण-अनुकूल नवाचारों का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच पाता है।

💐 ‘मंगलमान’ की ओर से इस पावन नवाचार को नमन

मंगलमान अभियान हमेशा से समाज से यही आग्रह करता आया है कि हम परंपरा को प्रकृति से जोड़ें। सुमन स्मृति सेवा संस्थान का यह ‘तुलसी पौध भंडारा’ वास्तव में लखनऊ के लिए एक महान प्रेरणा है। जब समाज का हर संगठन पूड़ी-हलवे के साथ-साथ ऐसे जीवनदायी पौधों का भंडारा करने लगेगा, तो हमारा लखनऊ वास्तव में विश्व पटल पर अपनी एक अनूठी और मर्यादित सामाजिक पहचान स्थापित कर सकेगा।

इस अत्यंत सुंदर, पवित्र और दूरदर्शी प्रयास के लिए ‘सुमन स्मृति सेवा संस्थान’ के समस्त ट्रस्टियों, आयोजकों और सेवादारों को मंगलमान परिवार की ओर से हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और अनंत साधुवाद!

क्या आपके क्षेत्र में भी इस बड़े मंगल पर ऐसा कोई अद्भुत नवाचार देखने को मिला? अपने विचार और अनुभव हमसे कमेंट बॉक्स में अवश्य साझा करें और इस हरित-क्रांति के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए लेख को शेयर करना न भूलें!

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