लखनऊ की ऐतिहासिक ‘बड़ा मंगल’ परंपरा को इस बार ‘शून्य अपशिष्ट’ (Zero Waste) का संकल्प मिल रहा है। जानिए कैसे श्री गोपाल आर्य जी के मार्गदर्शन और मंगलमान अभियान की नई पहल के माध्यम से हम प्लास्टिक मुक्त ‘हरित भंडारा’ आयोजित कर परंपरा और प्रकृति का अनूठा संगम बना सकते हैं। आइए, इस पावन उत्सव को ‘राष्ट्र मंगल’ की ओर ले चलें
कार्यक्रम सूचनाएं
जीवन केवल सांस लेने या दिन काटने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक उत्सव है जिसे 'उच्च विचारों' की ऊर्जा...
आज के समय में सबसे बड़ी समस्या यह हो गई है कि इंसान जहां होता है, उसका मन वहां नहीं होता।...
सनातन परंपरा में दान और भंडारे का विशेष महत्व है। अक्सर हम अपनी श्रद्धा के अनुसार आयोजन तो करते हैं, लेकिन...
मंगलमान अभियान के अंतर्गत विश्व संवाद केंद्र लखनऊ में एक बैठक का आयोजन हुआ जिसमें मंगल सेवकों ने आगामी बड़े मंगल...
मंगलमान अभियान के अंतर्गत आज विश्व संवाद केंद्र, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी...