भारत की समृद्धि का आधार: गौ-संस्कृति

“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौ सेवा प्रमुख श्री नवल किशोर जी ने मंगलमान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन समृद्धि और गौ-संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। जानिए कैसे ‘गौ-व्रती परिवार’ बनकर हम राष्ट्र मंगल के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं।”

बड़ा मंगल ‘स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण’ का वैश्विक मॉडल बने- श्री गोपाल आर्य

लखनऊ, 26 मार्च 2026: लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर ‘बड़ा मंगल’ को इस वर्ष एक नई ऊँचाई प्रदान करने के लिए ‘मंगलमान अभियान’ द्वारा विशेष बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों का केंद्र बिंदु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय पर्यावरण गतिविधि संयोजक, श्रीमान गोपाल आर्य जी का गरिमामयी मार्गदर्शन रहा। उन्होंने मंगलमान के प्रयासों की सराहना करते हुए आह्वान किया कि इस वर्ष ‘बड़ा मंगल’ को केवल भव्यता और दिव्यता तक सीमित न रखकर, इसे ‘स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण’ का एक वैश्विक मॉडल बनाया जाए। श्री आर्य ने ‘अवेयरनेस, पार्टिसिपेशन और मूवमेंट’ का त्रिसूत्रीय मंत्र देते हुए Read More

‘शून्य अपशिष्ट और हरित भंडारा’ बड़ा मंगल 2026 का संकल्प

लखनऊ की ऐतिहासिक ‘बड़ा मंगल’ परंपरा को इस बार ‘शून्य अपशिष्ट’ (Zero Waste) का संकल्प मिल रहा है। जानिए कैसे श्री गोपाल आर्य जी के मार्गदर्शन और मंगलमान अभियान की नई पहल के माध्यम से हम प्लास्टिक मुक्त ‘हरित भंडारा’ आयोजित कर परंपरा और प्रकृति का अनूठा संगम बना सकते हैं। आइए, इस पावन उत्सव को ‘राष्ट्र मंगल’ की ओर ले चलें

स्वावलंबन की ओर: ब्यूटीशियन प्रशिक्षणार्थियों का प्रमाण पत्र वितरण समारोह संपन्न

भाऊ राव देवरस सेवा न्यास के मार्गदर्शन में ‘समर्थ भारत’ अभियान द्वारा लखनऊ के निशातगंज केंद्र पर ब्यूटीशियन प्रशिक्षणार्थियों का प्रमाण पत्र वितरण समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दीप प्रज्वलन और गायत्री मंत्र के साथ शुरू हुए इस आयोजन में कौशल विकास से स्वावलंबन की नई राह दिखाई दी। जानें कैसे डॉ. देवज्योति और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में इन महिलाओं ने हुनर के साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए और कैसे भविष्य में इन्हें कॉर्पोरेट ट्रेनिंग व रोजगार सहायता प्राप्त होगी।

ए.पी. सेन कॉलेज: पूजन सामग्री से पर्यावरण संरक्षण संदेश

ए. पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पी.जी. कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग ने मंगलमान के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल का आयोजन किया। यह सहयोग कॉलेज और मंगलमान के बीच हुए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) का एक सक्रिय भाग है। “पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास” अभियान के तहत आयोजित इस व्यापक कार्यक्रम में दिवाली के बाद ई-विसर्जन के माध्यम से मूर्तियों का सम्मानजनक विसर्जन और अवशिष्ट फूलों से धूपबत्ती निर्माण जैसे रचनात्मक आयाम शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अलका मिश्रा एवं कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप Read More