जेठ माह के प्रथम बड़े मंगल पर मंगलमान अभियान के तहत लखनऊ के विभिन्न स्थानों पर मंगल मान अभियान की टीम और लखनऊ नगर निगम द्वारा ई भंडारा मोबाइल वैन के जरिया लखनऊ के अनेक स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। जैसे कि मंगलमान अभियान का लक्ष्य है हर दिन मंगल हो ,हर मंगल बड़ा मंगल हो ,बड़े मंगल से राष्ट्र मंगल हो और इस लखनऊ की प्राचीन प्रथा को प्रदेश के बाहर और देश विदेशों तक पहुंचाया जाए, इसी क्रम में इस वर्ष प्रथम बड़े मंगल पर प्रो.अनुप.बी.मिश्रा और उनकी बहन प्रीति.बी.मिश्रा के द्वारा मुंबई में भी बड़े Read More
जेष्ठ मास के आरंभ होते ही लखनऊ शहर में लगने वाले बड़े मंगल के भंडारों का सहज ही स्मरण हो जाता है। वर्तमान समय में कोविड 19 जैसी समस्या के चलते सभी हनुमत भक्तों के सामने यह प्रश्न था कि क्या इस बार बिना भंडारों की ही जेष्ठ मास बीत जाएगा? इसी विचार को केंद्र में रखते हुए मंगलमान ने महापौर के आशीर्वाद से ई-भण्डारा मोबाइल सेवा के माध्यम से इसे मूर्तरूप देने का संकल्प लिया। लखनऊ नगर निगम एवं अनेको संगठनों की सक्रीय सहभागिता से प्रसाद वितरण की यह अनूठी परंपरा ई भंडारे के रूपो में गत वर्ष प्रारंभ Read More
प्रथम बड़ा मंगल को प्रसाद वितरण का कार्य प्रातः 9 बजे महापौर जी के आवास से प्रारंभ किया जायेगा। वहां पर महापौर बजरंग बली की पूजा अर्चना करेगी और प्रसाद में मुख्य रूप से लाईया चना, गुड, बिस्क्युट, केला, बूंदी, आयुर्वेदिक काढ़ा बांटा जायेगा। इसके साथ ही मास्क, सिनेटाइजर, ग्लब्स, हैंडवॉश जैसी वस्तुओं का वितरण भी होगा। ई भण्डारा प्रसाद वाहन महापौर के आवास से निकल कर कृष्णा नगर मेट्रो स्टेशन, सिंगार नगर, आलमबाग चौराहा, आलमबाग बस स्टैंड, मवैया, चारबाग़, हुसैनगंज, विधान सभा, नगर निगम कार्यालय, परिवर्तन चौक, हुनुमान सेतु मंदिर, आई टी चौराहा, कपूरथला, महानगर, बादशाह नगर, भूत नाथ, Read More
जेठ का माह प्रारम्भ हो गया है जिसमे लखनऊ में मंगलवार को हनूमान जी पूजा अर्चना के साथ भण्डारे की परंपरा है। इन मंगलो को बड़ा मंगल कहते है। इस बार 4 बड़े मंगल है जो क्रमशः 1, 8, 15 तथा 22 जून को है। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते बड़े मंगल पर आयोजित होने वाले भंडारों पर आयोजको के संशय को दूर करते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने ई-भंडारे की व्यवस्था प्रदान की।मंगलमान समिति और नगर निगम मिलकर लखनऊ की परंपरा को जीवित रखते हुए भंडारे आयोजको के प्रसाद को जरूरतमन्दों एवं सेवा बस्तियो तक पहुँचाने की व्यवस्था Read More
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले प्रथम मङ्गल को ही “बड़ा मङ्गल” कहते हैं। वर्ष २०२१ में ज्येष्ठ का प्रथम मङ्गलवार ०१ जून को पड़ रहा है। इस दिन को लखनऊवासी बड़े ही धूम धाम से श्रद्धा पूर्वक “बड़ा मंगल” के रूप में मनाते है। इस बार का “प्रथम बड़ा मंगल” कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को पड़ रहा है जिसमें चंद्र धनु राशि में स्थित है एवं धनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण अत्यंत ही शुभ योग प्रवर्तक है। पूजन के लिए शुभ योग 13 मई रात्रि 1:39 तक है। इस योग से देश का धन यश और कीर्ति बढ़ेगी। न्याय Read More
कोरोना के प्रकोप से पूरा देश कराह रहा है। बहुत से लोग शहर में बाहर से पढ़ने, कमाने या फिर किसी और काम से आये थे और फंस गए हैं। अनेको के पास रहने, खाने का कोई इंतजाम नहीं है। कई लोग रेस्टोरेंट या ठेले पर बाटी-चोखा, पुड़ी-सब्जी खाकर पेट भरते थे। लॉक डाउन होने के कारण वे भी फस गए है और भूखे सो रहे हैं। शहरी गरीबों की स्थिति तो और भी दयनीय है। जो लोग देहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे उनके काम धंधे बंद हो जाने के कारण अत्यंत ही दीन हीन अवस्था में Read More
“भण्डारा हमारी श्रद्धा है, तो स्वच्छता हमारी जिम्मेदारी। स्वच्छता का ध्यान रक्खें, और प्रसाद का मान रक्खें ।।” भण्डारे के प्रसाद को Status symbol मत बनाएंः हम सामान्य तौर पर पूजा के निमित्त जो प्रसाद बांटते हैं हनुमानजी.को उसका ही भोग लगाएं और वितरित करें । माँ दुर्गा का प्रसाद पूडी, चना और हलवा है, हनुमान जी को लड्डू और बूंदी प्रसाद चढता है जो उनको प्रिय भी है । गर्मी होने के नाते शरबत रखना भी उचित होगा । भण्डारे में पूडी सब्जी तो उचित लगता है पर.. पुलाव, आइसक्रीम छोला चावल, कढी चावल इत्यादि क्या भण्डारे में प्रसाद Read More
बप्पा श्री नारायण पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज 28 मई को दूसरे बड़े मंगल के अवसर पर कॉलेज परिवार की ओर से भंडारे का आयोजन करने जा रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ राकेश चंद्रा ने कहा कि हमारे द्वारा आयोजित भंडारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास करेगा। हम प्लास्टिक की बस्तुओं का उपयोग नहीं करेंगे और स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखेंगे। भंडारा हमारी श्रद्धा है, हम बड़े ही भाव से पूर्वक प्रत्येक वर्ष भंडारे का आयोजन करते है। पूरा कॉलेज परिवार इसे मिलकर संपन्न करता है। विशेषकर नॉन टीचिंग स्टाफ का योगदान सराहनीय होता है। बड़े मंगल पर लगने Read More
लखनऊ में प्रति वर्ष ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है । इसमें हिन्दू व मुसलमान , दोनों ही समुदायों के नागरिक बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं । यह त्यौहार लखनऊ की संमिश्रित संस्कृति का अनूठा उदाहरण है । यह त्यौहार भारत के और स्थानों में देखने को नहीं मिलता । बताया जाता है की इस त्यौहार का उद्गम १७१८ ईस्वी में है जब अवध के नवाब की बेगम को स्वप्न में हनुमान जी ने दर्शन दिए और उनकी प्रेरणा पर बेगम ने अलीगंज में स्थित पुराने हनुमान मंदिर का निर्माण कराया । तभी Read More