जीवन केवल सांस लेने या दिन काटने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक उत्सव है जिसे ‘उच्च विचारों’ की ऊर्जा के साथ जी भर कर जीना चाहिए। जब हम अपने विचारों को संकीर्णता से ऊपर उठाकर ‘मंगल’ (लोक-कल्याण) की ओर ले जाते हैं, तो हमारा अस्तित्व स्वयं ही सार्थक हो जाता है। उच्च विचार: मंगलमान की नींव मंगलमान का मूल मंत्र है—’सबका मंगल, सबका भला।’ उच्च विचारों का अर्थ है मन में ईर्ष्या, द्वेष और भय के स्थान पर प्रेम, करुणा और सेवा को स्थान देना। जब हम ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करते हैं और अपनी सोच को सकारात्मक रखते Read More
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आज के ब्लॉग में जानिए भारत की महान शासिका और लोकमाता राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके न्यायप्रिय शासन और राष्ट्र...
"सृष्टि कितनी भी बदल जाए, भौतिक साधनों से पूर्ण सुख नहीं मिल सकता। लेकिन हमारी दृष्टि का एक छोटा सा सकारात्मक...
लखनऊ की सुप्रसिद्ध बड़ा मंगल परंपरा के तहत श्री राम कॉलोनी में आयोजित हुआ भव्य 'स्वच्छ हरित भंडारा'। मंगलमान अभियान के...
"लखनऊ के गोमती नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सुंदरकांड एवं...
"लखनऊ की ऐतिहासिक 'बड़ा मंगल' परंपरा में आस्था और पर्यावरण चेतना का एक अद्भुत संगम! जहाँ चारों ओर पूड़ी-सब्जी के भंडारे...