मंगलमान अभियान के अंतर्गत आज विश्व संवाद केंद्र, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी बड़ा मंगल पर्व को ‘स्वच्छ हरित बड़ा मंगल’ के रूप में मनाने और मंगल का मान बढ़ाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित मंगल सेवकों ने सामूहिक रूप से लखनऊ की इस पावन परंपरा को भव्य, दिव्य और कचरा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय पर्यावरण गतिविधि (आर.एस.एस.) के संयोजक श्री गोपाल आर्य ने कहा कि लखनऊ की बड़ा मंगल परंपरा अत्यंत प्राचीन और विश्व में अनोखी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “जिस प्रकार महाकुंभ में स्वच्छता और पवित्रता का ध्यान रखा जाता है, उसी भांति बड़ा मंगल के अवसर पर भी एक नया अध्याय लिखा जाना चाहिए।” उन्होंने प्लास्टिक और थर्माकोल के कचरे को कम करने के लिए ‘बर्तन बैंक’ स्थापित करने का आवाहन किया। श्री आर्य ने कहा कि यदि दोने-पत्तल की जगह स्टील के गिलास और थाली का प्रयोग शुरू हो, तो निश्चित ही कूड़ा उत्पन्न नहीं होगा और भारी मात्रा में कचरे में कमी आएगी। इसके लिए शासन-प्रशासन, एन.एस.एस., एन.सी.सी. कैडेट्स और सम-वैचारिक संगठनों को एक मंच पर लाया जा रहा है।

मंगलमान अभियान के संयोजक डॉ. राम कुमार ने अभियान की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2019 में प्रारंभ हुए इस अभियान का उद्देश्य बड़ा मंगल के महत्व को बढ़ाना और इसे वैश्विक पहचान दिलाना है। उन्होंने आगामी ‘मंगल महोत्सव’ की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत बर्तन बैंक की स्थापना, स्कूलों-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं, बड़ा मंगल संगोष्ठी और आदर्श भंडारा आयोजकों का सम्मान जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी से आवाहन किया कि वे मंगलमान की वेबसाइट (www.mangalman.in) पर जाकर अपने भंडारे का पंजीकरण कराएं।
मंगल सेवकों को संबोधित करते हुए प्रांत प्रचारक श्री कौशल किशोर जी ने विस्तृत कार्ययोजना पर बल दिया। उन्होंने बताया कि संघ एवं विभिन्न क्षेत्रों के कार्यकर्ता नगर स्तर तक टोली का निर्माण करेंगे, जो स्थानीय स्तर पर भंडारा आयोजकों को ‘स्वच्छ हरित बड़ा मंगल’ का मंगलमान संदेश देंगे। उन्होंने नई पीढ़ी को इस संस्कार से जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में विशेष कार्यक्रमों की आवश्यकता बताई और कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने पूरी शक्ति लगाकर लखनऊ की इस सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने का आवाहन किया। वहीं, व्यापारी नेता संदीप बंसल ने आयोजकों से आग्रह किया कि वे केवल भोजन वितरण ही नहीं, बल्कि ‘सेवा भाव’ के साथ भंडारा लगाएं ताकि उन्हें हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्री गणेश ताम्रकार, अनंत प्रकाश श्रीवास्तव, विभाग प्रचारक अनिल जी, प्रशांत भाटिया, गोपाल उपाध्याय, श्रींकृष्ण चौधरी, डॉ कीर्ति नेहा , प्रो0 एम के तिवारी, डॉ रूबी राज, संजय शुक्ला, अजीत जी, आलोक गुप्ता अभिषेक अग्रवाल, चन्द्रू सेठ, नवीन त्रिवेदी, आशीष अग्रवाल, मनोज मौर्य, शैलेन्द्र कुमार, अंशु अग्रवाल, सन्दीप कुमार चतुर्वेदी, पवन, डॉ. विवेकानन्द उपाध्याय, रमाकान्त चौधरी, अभिषेक सिंह, बृज किशोर, आशीष, राघव, तनय, शिवम् तिवारी, कार्तिकेय, राकेश लाल, इन्द्र कुमार, रोहित प्रवीण, डा. रत्नेश, राधा सिंह, प्रो0 अनूप मिश्रा, अनिल कुमार सिंह बिसेन, प्रणव अवस्थी, आदित्य तिवारी, दिवान्त शुक्ला, मनीष, संतोष कुमार सिंह, सचिन गुप्ता, अमित जी, प्रदीप कुमार तिवारी, सतीश कुमार अवस्थी, आलोक गुप्ता, राम कृष्ण मिश्रा, आदित्य द्विवेदी, संजय कुमार शुक्ल, आकाश, सन्मान वर्मा, उज्जवल पाण्डेय, नवल किशोर पाण्डेय सहित अनेक मंगलसेवक उपस्थित रहे।









