भंडारा, जिसे अन्नदान भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अपने त्योहारों और उत्सव के दौरान आयोजित किया जाता है। इसके दौरान यज्ञ, हवन और भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाता है। यह भोजन प्रसादी को भंडारा भी कहते हैं। भारत में त्योहारों पर समय-समय पर अलग-अलग स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जाता है, और भारत में बहुत से ऐसे मंदिर भी हैं जहाँ प्रतिदिन इस तरह के भंडारों का आयोजन किया जाता है। भंडारे का महत्व है क्योंकि यह सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाता है और समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देता है। Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
अध्यक्ष गणेश ताम्रकार ने किया मार्गदर्शन, विशिष्ट अतिथि ने दिया 'शक्ति-भक्ति-युक्ति' से राष्ट्र मंगल का मंत्र लखनऊ, 30 नवंबर 2025:सामाजिक, सांस्कृतिक...
मंगलमान परिवार कीवरिष्ठ सदस्य, प्रतिभाशाली रचनाकार एवं गीतकार श्रीमती अनीता श्रीवास्तव 'आख्या' को उनकी साहित्यिक सेवाओं और मंगलमान अभियान में उल्लेखनीय...
अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल, लखनऊ द्वारा आयोजित "आओ चलें 4.0" वॉकाथन एवं सुपर बाइक रैली एक बड़े स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के रूप में...
महामना मालवीय विद्या मंदिर इंटर महाविद्यालय,गोमतीनगर, लखनऊ के प्रांगण में भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अंतर्गत समर्थ भारत अभियान के मार्गदर्शन...
ए. पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पी.जी. कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग ने मंगलमान के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल...