मंगलमान अभियान अंतर्गतपर्यावरण अनुकूल विसर्जन पर नवयुग कन्या महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में खंडित और पुरानी मूर्तियों को दीपावली के पश्चात् ससम्मान विसर्जन का संकल्प लिया गया।दीपावली के बाद सड़कों, पेड़ो के नीचे यहां वहां लोग मूर्तियां रख देते है जिससे आस्था का उपहास तो होता ही है साथ ही पर्यावरण की क्षति भी होती है। इसको ध्यान में रखते हुये जन जागरण का कार्य मगलमान द्वारा चलाया जा रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मंगल सेवक व्यापारी नेता संदीप बंसल ने सभी से आग्रह किया कि अपने यहां पूजित मूर्तियों को मंगलमान अभियान के अंतर्गतनिर्धारित केंद्रों Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
"सृष्टि कितनी भी बदल जाए, भौतिक साधनों से पूर्ण सुख नहीं मिल सकता। लेकिन हमारी दृष्टि का एक छोटा सा सकारात्मक...
लखनऊ की सुप्रसिद्ध बड़ा मंगल परंपरा के तहत श्री राम कॉलोनी में आयोजित हुआ भव्य 'स्वच्छ हरित भंडारा'। मंगलमान अभियान के...
"लखनऊ के गोमती नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सुंदरकांड एवं...
"लखनऊ की ऐतिहासिक 'बड़ा मंगल' परंपरा में आस्था और पर्यावरण चेतना का एक अद्भुत संगम! जहाँ चारों ओर पूड़ी-सब्जी के भंडारे...
जीवन केवल सांस लेने या दिन काटने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक उत्सव है जिसे 'उच्च विचारों' की ऊर्जा...