पुण्यतिथि विशेष सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,देखना है ज़ोर कितना बाजूए कातिल में है. इन पंक्तियों के रचयिता, राम प्रसाद बिस्मिल, उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे जो देश की आजादी के लिये अंग्रेजी शासन से संघर्ष करते शहीद हुए थे. उन्होंने वीर रस से भरी हुई, लोगों के हृदय को जोश से भर देने वाली अनेक कविताएं लिखीं. उन्होंने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिये अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया.महान क्रान्तिकारी और प्रसिद्ध लेखक रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर गांव में हुआ था. Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
📜 इंदिरा नगर में सिंधी समाज ने छठे बड़े मंगल पर लगाया छप्पन भोग सा भव्य भंडारा "हर दिन मंगल हो,...
"हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो छठे बड़े मंगल पर लखनऊ में...
लखनऊ के व्यस्ततम दैनिक जागरण चौराहे पर छठे बड़े मंगल पर राज चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूर्णतः स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त भव्य...
लखनऊ में छठे बड़े मंगल पर तपती दोपहरी में लाखों श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने वाले जेएमडी खत्री परिवार, अग्रवाल ऑयल...
लखनऊ के जानकीपुरम में छठे बड़े मंगल पर पार्षद राजकुमारी मौर्या के नेतृत्व और पीयूष सिंह चौहान की उपस्थिति में कार्तिकेय...