भारतीय दर्शन में स्वास्थ्य को सर्वोपरि स्थान दिया गया है, स्वास्थ्य को सबसे बड़ी पूंजी कहा गया है। जब भारतीय जनसामान्य में सुखों की चर्चा होती है तो हमेशा कहा जाता है की ‘पहला सुख-निरोगी काया’ अर्थात सुख का पहला पायदान शरीर का स्वस्थ होना माना गया है। आज कोरोनाकाल में यह वाक्य संपूर्ण विश्व के लिए प्रासंगिक हो गया है। आधुनिकता की अंधी दौड़ और अर्थ की प्रधानता ने स्वास्थ्य जैसे हम अहम विषय को कहीं पीछे छोड़ दिया है। बहुतायत में लोग लाइफ़स्टाइल डिजीज की गिरफ्त में आकर भी इस अंधी दौड़ में दौड़े जा रहे हैं। कोरोना Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
📜 इंदिरा नगर में सिंधी समाज ने छठे बड़े मंगल पर लगाया छप्पन भोग सा भव्य भंडारा "हर दिन मंगल हो,...
"हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो छठे बड़े मंगल पर लखनऊ में...
लखनऊ के व्यस्ततम दैनिक जागरण चौराहे पर छठे बड़े मंगल पर राज चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूर्णतः स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त भव्य...
लखनऊ में छठे बड़े मंगल पर तपती दोपहरी में लाखों श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने वाले जेएमडी खत्री परिवार, अग्रवाल ऑयल...
लखनऊ के जानकीपुरम में छठे बड़े मंगल पर पार्षद राजकुमारी मौर्या के नेतृत्व और पीयूष सिंह चौहान की उपस्थिति में कार्तिकेय...