“मंगल भंडारा” एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ एक सेवा समर्पण भी -अरुणेंद्र कुमार श्रीवास्तव

मंगलवार का भंडारा हम सभी स्वेच्छा से धार्मिक अनुष्ठान के साथ सेवा भाव को ध्यान में रख कर करते हैं इसमें हमारा स्वयं का भाव बिहित होता है किसी अन्य के दबाव के कारण हम नहीं करते साथ ही हम इसके निमित्त धन का समर्पण भी करते हैं ! भंडारे पर हम बहुत व्यय करते है पर स्वच्छता पर बिलकूल ध्यान नहीं देते शाम तक भंडारा स्थल जो दृश्य प्रस्तुत करता अत्यंत कष्टकर होता ! Read More