नगर निगम और मंगलमान के साथ स्वच्छता से आयोजित करे बड़े मंगल के भंडारे : महापौर संयुक्ता भाटिया

लखनऊ की श्रेष्ठ परम्पराओ में से एक पावन परंपरा है- ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगल को लगने वाले भंडारे। जेठ का माह प्रारम्भ हो रहा है जिसका प्रथम बड़ा मंगल 17 मई को है। इस अवसर पर आज 12/05/2022 को मंगलमान अभियान समिति के साथ मा0 महापौर ने एक बैठक का आयोजन नगर निगम कार्यालय, लखनऊ में किया गया, जिसमे महापौर ने मंगलमान समिति और नगर निगम के अधिकारियों संग बड़े मंगल को लगने वाले भंडारों में स्वच्छता और बड़े मंगल की ब्रांडिंग करने की योजना बनाई। मंगल भंडारे करने के लिए महापौर की अपील और योजनाएं बड़े Read More

हनुमान जी मानव जीवन के लिए सदैव एक उदाहरण

कलयुग जब आगमन की ओर था तो सभी प्रमुख देवी देवताओं ने आर्यावर्त के अलग अलग स्थान चुन लिए ! भोले बाबा ने कैलाश चुन लिया तो श्री हरि क्षीर सागर चले गये माता रानी ने बाण गंगा कटरा कश्मीर चुन लिया……. सबने अपनी अपनी पसंद का निवास स्थान चुन लिया ।। इधर रामायण काल महाभारत काल दोनों युद्धों के प्रणेता श्री मारुति नंदन इसी धरा पर विराजमान रह गये…वो भी सशरीर। इसके पीछे कारण था की उनको उन सभी लोगों से प्रेम था जिनको प्रभु श्री राम प्रिय थे। हनुमान जी को राम कथा सुननी थी, यह धरती पर Read More

बड़ा मंगल 2022 में कब होंगे?

जेठ माह के मंगलो को बड़ा मंगल कहते है। 2022 में जेठ माह मंगलवार 17 मई को प्रारम्भ हो रहा है। ज्येष्ठ माह 2022 में बड़े मंगल की तिथियां पहला बड़ा मंगल – मंगलवार, 17 मई 2022 दूसरा बड़ा मंगल – मंगलवार, 24 मई 2022 तीसरा बड़ा मंगल – मंगलवार, 31 मई 2022 चौथा बड़ा मंगल – मंगलवार, 7 जून 2022 पांचवा बड़ा मंगल – मंगलवार, 14 जून 2022 पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ऐसे देव है जो अभी भी पृथ्वी पर अभी भी जीवित हैं। वे अपने आराध्य भगवान श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए आज भी Read More

बड़ा मंगल कब होता है?

ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलो को बड़ा मंगल कहते है। जेठ माह आमतौर पर अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से मई जून में पड़ता है। इस समय गर्मी अपने प्रचंड रूप में होती है। इसी समय में शरीर को पानी की भी ज्यादा जरूरत होती है। लखनऊ में सैकड़ो वर्षों से बड़ा मंगल के अवसर पर हनुमान भक्तो के द्वारा भंडारा एवं प्याऊ लगाने की परंपरा रही है। मंदिरो को खूब सजाया जाता है। भक्तगण बजरंगबली को पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण का कार्य करते है। विशेष बात यह है कि इस परंपरा की शुरुआत लखनऊ से हुई और यह Read More

महान क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल

पुण्यतिथि विशेष सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,देखना है ज़ोर कितना बाजूए कातिल में है. इन पंक्तियों के रचयिता, राम प्रसाद बिस्मिल, उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे जो देश की आजादी के लिये अंग्रेजी शासन से संघर्ष करते शहीद हुए थे. उन्होंने वीर रस से भरी हुई, लोगों के हृदय को जोश से भर देने वाली अनेक कविताएं लिखीं. उन्होंने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिये अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया.महान क्रान्तिकारी और प्रसिद्ध लेखक रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर गांव में हुआ था. Read More

महापौर संयुक्ता भाटिया ने मंगलमान को सौंपी अपने घर की वर्ष भर पूजीं गयी लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति

लखनऊ। आज महापौर संयुक्ता भाटिया ने दीपावली के पश्चात वर्ष भर पूजी गई लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को ससम्मान विसर्जित करने हेतु फोन कर मंगलमान की टीम को आलमबाग के सिंगार नगर स्थित अपने आवास पर बुलाकर सपरिवार, ससम्मान लक्ष्मी- गणेश की मूर्तियां भू विसर्जित करने हेतु समर्पित की। महापौर ने बताया कि अक्सर दीपवाली के पश्चात विभिन्न धार्मिक स्थलों, पेड़ के नीचे, डिवाइडर, चौराहों पर और नदी किनारे पुरानी मूर्तियों को लोग लावारिस छोड़ जाते है, जो बाद में खंडित होकर कूड़े के ढ़ेर, गाड़ियों के पहियों के नीचे अथवा नदियों किनारे अपमानित होती है, जिनका विधि विधान से विसर्जन Read More

महापौर ने किया पुरानी/खंडित प्रतिमाओं का सम्मान विसर्जन अभियान की शुरुआत

शहर के महाविद्यालय बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में खंडित और पुरानी मूर्तियों को निर्धारित केंद्रों पर एकत्र करने के लिए मंगलमान अभियान के तहत जन जागरण अभियान का शुभारंभ किया गया।शहर के विभिन्न क्षेत्रों के सुसज्जित वाहनों को महापौर संयुक्ता भाटिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महापौर ने मंगलमान के संयोजक डॉ रामकुमार को इस बात के लिए धन्यवाद दिया इस प्रकार की जन जागरण के अभियान से लखनऊ मैं स्वच्छता और पवित्रता का नया अध्याय लिखा जाएगा उन्होंने मंगलमान समिति के द्वारा पर्यावरण के मुद्दे पर भी जागरूकता फैलाने का आवाहन किया।महापौर ने कहा कि Read More

पुरानी/खंडित प्रतिमाओं का सम्मान भू विसर्जन अभियान

मान का आग्रह :हम वर्ष भर जिन प्रतिमाओं का पूजन करते हैं, पुरानी या खंडित होने पर विसर्जित करने की जगह इधर – उधर रख देते हैं। दीपावली के अवसर पर धर्म संकट अधिक होता है। इससे देवी देवताओं का अपमान तो होता ही है …हमारी आस्था का उपहास भी होता है। साथ ही हम महत्वपूर्ण धार्मिक कर्म विसर्जन से होने वाले ‘ मंगल ‘ से भी वंचित रहते हैं।पर्यावरण की चिंता :विसर्जन में पर्यावरण की चिंता भी प्रमुख विषय है। प्लास्टर ऑफ पेरिस, जहरीले रसायन, रंग और चीनी मूर्तियों के कारण यह समस्या गंभीर हो गई है।परंतु ‘ मंगलमान Read More

मूर्तिमान से होगी आस्था एवं पर्यावरण की रक्षा और गौ संवर्धन, स्वदेशी, स्वावलंवन को मिलेगा बल

सड़कों, डिवाइडरों और पेड़ों के नीचे फेंकी मूर्तियों को मान दिलाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए एक वृहद अभियान का शुभारंभ किया गया। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने मंगलमान अभियान के तहत खण्डित/पुरानी मूर्तियों के ससम्मान विसर्जन को लेकर बैठक की। कृष्णानगर के वास्तु शुभम में हुई बैठक में तय किया गया कि ना चाहते हुए भी लोग खंडित मूर्तियों, देवी – देवताओं के चित्रों को फेंक देते हैं। इससे आस्था का परिहास तो होता ही है पर्यावरण को भी नुकसान होता है।गणेश महोत्सव, दीपावली में प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के साथ अब चीन में हानिकारक Read More