भंडारा, जिसे अन्नदान भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अपने त्योहारों और उत्सव के दौरान आयोजित किया जाता है। इसके दौरान यज्ञ, हवन और भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाता है। यह भोजन प्रसादी को भंडारा भी कहते हैं। भारत में त्योहारों पर समय-समय पर अलग-अलग स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जाता है, और भारत में बहुत से ऐसे मंदिर भी हैं जहाँ प्रतिदिन इस तरह के भंडारों का आयोजन किया जाता है। भंडारे का महत्व है क्योंकि यह सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाता है और समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देता है। Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
मंगलमान अभियान के अंतर्गत आज विश्व संवाद केंद्र, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी...
"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौ सेवा प्रमुख श्री नवल किशोर जी ने मंगलमान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन...
लखनऊ, 26 मार्च 2026: लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर 'बड़ा मंगल' को इस वर्ष एक नई ऊँचाई प्रदान करने के...
साल 2026 में ज्येष्ठ मास 'अधिक मास' के कारण बेहद खास होने वाला है। जानें 2026 में बड़ा मंगल की सटीक...
लखनऊ की ऐतिहासिक 'बड़ा मंगल' परंपरा को इस बार 'शून्य अपशिष्ट' (Zero Waste) का संकल्प मिल रहा है। जानिए कैसे श्री...