जी हां, यह एक गहरा और महत्वपूर्ण धारणा है। “भगवान भाव के भूखे होते हैं, वस्तु के नहीं” यह अर्थात् यह कि भगवान को हमारे मन में और हमारे भावनाओं में रूचि होती है, न कि उन्हें चीजों की आवश्यकता होती है। इसका एक उदाहरण है कथा में जो कहती है कि एक बार एक योगी ने ध्यान के दौरान भगवान से प्रार्थना की कि वह उनकी भक्ति को प्रसन्न करें और उन्हें अपने साकार रूप में दर्शन दें। भगवान ने उनकी प्रार्थना सुनी और उन्हें अपने दरबार में बुलाया। योगी ने अपनी भक्ति के साथ दरबार में प्रवेश किया, Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
📜 इंदिरा नगर में सिंधी समाज ने छठे बड़े मंगल पर लगाया छप्पन भोग सा भव्य भंडारा "हर दिन मंगल हो,...
"हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो छठे बड़े मंगल पर लखनऊ में...
लखनऊ के व्यस्ततम दैनिक जागरण चौराहे पर छठे बड़े मंगल पर राज चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूर्णतः स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त भव्य...
लखनऊ में छठे बड़े मंगल पर तपती दोपहरी में लाखों श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने वाले जेएमडी खत्री परिवार, अग्रवाल ऑयल...
लखनऊ के जानकीपुरम में छठे बड़े मंगल पर पार्षद राजकुमारी मौर्या के नेतृत्व और पीयूष सिंह चौहान की उपस्थिति में कार्तिकेय...