सड़कों, डिवाइडरों और पेड़ों के नीचे फेंकी मूर्तियों को मान दिलाने (#मूर्तिमान) एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन (ई-विसर्जन) की बैठक वास्तुविद श्री गणेश ताम्रकार के आवास पर हुई। जिसमे बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने 2025 तक लखनऊ से विसर्जन की समस्या के समाधान का संकल्प लिया। बैठक में तय किया गया कि ना चाहते हुए भी लोग खंडित मूर्तियों, देवी – देवताओं के चित्रों को फेंक देते हैं। इससे आस्था का परिहास तो होता ही है पर्यावरण को भी नुकसान होता है।गणेश महोत्सव, दीपावली में प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के साथ Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
मंगलमान अभियान के अंतर्गत आज विश्व संवाद केंद्र, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी...
"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौ सेवा प्रमुख श्री नवल किशोर जी ने मंगलमान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन...
लखनऊ, 26 मार्च 2026: लखनऊ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर 'बड़ा मंगल' को इस वर्ष एक नई ऊँचाई प्रदान करने के...
साल 2026 में ज्येष्ठ मास 'अधिक मास' के कारण बेहद खास होने वाला है। जानें 2026 में बड़ा मंगल की सटीक...
लखनऊ की ऐतिहासिक 'बड़ा मंगल' परंपरा को इस बार 'शून्य अपशिष्ट' (Zero Waste) का संकल्प मिल रहा है। जानिए कैसे श्री...