अखिल भारतीय ब्रह्म समाज द्वारा आज पहले बड़े मंगल के शुभ अवसर पर हर वर्ष की भांति भण्डारे का आयोजन किया गया! लाक डाउन के कारण इस वर्ष भण्डारे में उपाध्यक्ष श्रीमती संध्या बाजपेयी के आवास के पास स्थित तिलकेश्वर महादेव मंदिर, पकरी का पुल, आलमबाग, लखनऊ में प्याऊ की व्यवस्था उन सभी श्रमिकों के लिए की गई जो वीआईपी रोड से पैदल गुजर रहे हैं, इसका उद्घाटन लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया द्वारा किया गया! महापौर की उपस्थिति में तालकटोरा रोड स्थित महामंत्री देवेन्द्र शुक्ल के आवास पर अन्न वितरण किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों के अतिरिक्त मंदिरों Read More
जेष्ठ मास के आरंभ होते ही लखनऊ शहर में लगने वाले बड़े मंगल के भंडारों का सहज ही स्मरण हो जाता है। वर्तमान समय में कोविड 19 जैसी समस्या के चलते सभी हनुमत भक्तों के सामने यह प्रश्न था कि क्या इस बार बिना भंडारों की ही जेष्ठ मास बीत जाएगा? इसी विचार को केंद्र में रखते हुए मंगलमान ने महापौर के आशीर्वाद से ई-भंडारों की कल्पना की तथा इस कल्पना को धरातल पर मूर्तरूप देने का संकल्प लिया। लखनऊ नगर निगम एवं अनेको संगठनों की सक्रीय सहभागिता से प्रसाद वितरण की यह अनूठी परंपरा इस वर्ष प्रारंभ हो चुकी Read More
कल से प्रारम्भ हो रहे ज्येष्ठ के “बड़े मंगल” पर लॉकडाउन के चलते राजधानी के भक्तों के लिए महापौर संयुक्ता भाटिया ने “ई-भंडारा” की व्यवस्था की है। इसके लिए लखनऊवासियों ने महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया द्वारा प्रेरित mangalman.in वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन भी किये। ‘ई-भंडारा’ के अंतर्गत भंडारा संचालक भक्त ‘मंगलमान वेबसाइट’ पर रेजिस्ट्रेशन कर पास की ही कम्युनिटी किचन में भंडारा सामग्री मंगलमान के कार्यकर्ताओं के सहयोग से दान कर सकेंगे। जिससे उस सामग्री को प्रसाद जरूरतमंद लोगों में वितरित किया जाएगा। इससे जहाँ लॉकडाउन में भी लखनऊ की पुरानी सभ्यता का निर्वहन हो सकेगा वही ई-भंडारा कर रहे भक्तों Read More
प्रेस विज्ञप्ति मा0 महापौर, लखनऊ नगर निगम दिनांक – 10.05.2020 स्थान – वर्चुअल मीटिंग लखनऊ की श्रेष्ठ परम्पराओ में से एक पावन परंपरा है- ग्रीष्म काल अर्थात ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगल को लगने वाले भंडारे। जिसमे मानव ही क्या पशु पक्षी सभी की आत्मा को तृप्त करने का सामर्थ्य है। लखनऊ वासी इस अवसर पर भंडारा आयोजित करके प्राणी मात्र की सेवा का अवसर पाते है। जेठ का माह प्रारम्भ हो गया है जिसका प्रथम बड़ा मंगल 12 मई को है। इस अवसर पर मा0 महापौर द्वारा एक प्रेस वार्ता का ऑनलाइन आयोजन दिनांक 10.05 .2020 को Read More
ई-भंडारे का आयोजन अत्यंत ही सरल है जिसे आप आसानी से कर सकते है। ई-भंडारा के माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है। इसके बारे में आपके मन मष्तिष्क में उठाने वाले प्रश्नो के उत्तर देने का यहां यथोचित प्रयास किया गया है। ई-भण्डारा क्या है? ई-भंडारा परंपरागत रूप से लगाए जाने वाले भण्डारो का संवर्धित स्वरुप है। यहां ई-भंडारा का अर्थ है- Easy, Economic, Environmental friendly, Electronically empowered, Effective Bhandara . ई-भण्डारा सेवा क्या है? भंडारा लगाने के इच्छुक व्यक्तियों, समूहों एवं संस्थाओ को ई- भण्डारा Read More
कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई विशेष परिस्थितियों के चलते २०२० के ज्येष्ठ के मंगलो (बड़ा मंगल) का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। आज की आवश्यकता हर मंगल को बड़ा मंगल और हर दिन को मंगल करने की है। परन्तु लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टैन्सिंग के दिशा-निर्देशों के परिपेक्ष्य में परंपरागत स्वरुप में भंडारों का आयोजन अत्यंत ही दुरूह कार्य है।
ई-भंडारा परंपरागत रूप से लगाए जाने वाले भण्डारो का संवर्धित स्वरुप है। इसके माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है। लखनऊ की श्रेष्ठ परम्पराओ में से एक पावन परंपरा है- ग्रीष्म काल अर्थात ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगल को लगने वाले भंडारे। जिसमे मानव ही क्या पशु पक्षी सभी की आत्मा को तृप्त करने का सामर्थ्य है। लखनऊ वासी इस अवसर पर भंडारा आयोजित करके प्राणी मात्र की सेवा का अवसर पाते है और भगवन हनूमान की कृपा के पात्र बनते है। वर्तमान कोरोना Read More
वर्ष 2020 में १२ मई को प्रथम मङ्गलवार,१९ मई को द्वितीय,२६ मई को तृतीय एवं २ जून को चतुर्थ मङ्गलवार है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलों को ही बड़ा मङ्गल कहते हैं। ऐसी जनश्रुति व प्रमाण मिलते हैं कि हनूमानजी उन सात चिरजीवियों में से एक हैं जिन्हें अमर होने का वरदान प्राप्त है- अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनूमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविनः ॥ इस तरह श्री हनूमानजी विशेष रूप उन सात पवित्र देवताओं में से हैं सशरीर युगों-युगों से इस पृथ्वी पर विद्यमान हैं। ऐसे में बजरंगबली के इस पावन पर्व पर उनकी विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि Read More
कोरोना के प्रकोप से पूरा देश कराह रहा है। बहुत से लोग शहर में बाहर से पढ़ने, कमाने या फिर किसी और काम से आये थे और फंस गए हैं। अनेको के पास रहने, खाने का कोई इंतजाम नहीं है। कई लोग रेस्टोरेंट या ठेले पर बाटी-चोखा, पुड़ी-सब्जी खाकर पेट भरते थे। लॉक डाउन होने के कारण वे भी फस गए है और भूखे सो रहे हैं। शहरी गरीबों की स्थिति तो और भी दयनीय है। जो लोग देहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे उनके काम धंधे बंद हो जाने के कारण अत्यंत ही दीन हीन अवस्था में Read More
हिन्दू कैलेंडर में ज्येष्ठ का महीना तीसरा महीना होता है. ज्येष्ठ का महीना वैशाख के महीने के बाद आता है. माना जाता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में होता है. इसलिए इस महीने को ज्येष्ठ नाम दिया गया है. अंग्रेजी कैलेंडर में यह महीना हमेशा मई और जून के महीने में ही आता है। इस महीने में सूर्य अत्यंत ताक़तवर होता है, इसलिए गर्मी भी ज्यादा होती है. सूर्य की ज्येष्ठता के कारण इस माह को ज्येष्ठ कहा जाता है. ज्येष्ठा नक्षत्र के कारण भी इस माह को ज्येष्ठ कहा जाता है. सूर्य अपने भीषण Read More