अनीता श्रीवास्तव ‘आख्या’ को कादंबरी साहित्य गौरव सम्मान

मंगलमान परिवार कीवरिष्ठ सदस्य, प्रतिभाशाली रचनाकार एवं गीतकार श्रीमती अनीता श्रीवास्तव ‘आख्या’ को उनकी साहित्यिक सेवाओं और मंगलमान अभियान में उल्लेखनीय योगदान के लिए जबलपुर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘कादम्बरी’ द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्कार धानी, जबलपुर में आयोजित किया गया, जहाँ देश के जाने-माने साहित्यकारों की उपस्थिति में यह गौरवशाली क्षण देखने को मिला।


इस साहित्यिक समारोह मेंश्रीमती अनीता श्रीवास्तव ‘आख्या’ को एक स्मारिका, सम्मान पत्र, अंगवस्त्र, शिवलिंग, रुद्राक्ष और 2100 ₹ की नगद राशि प्रदान कर उनकी साहित्यिक रचना के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई साहित्य विद्वानों और साहित्यप्रेमियों से मुलाकात हुई, जिससे मन प्रसन्न हो गया।


श्रीमतीअनीता श्रीवास्तव ‘आख्या’ ने मंगलमान अभियान के प्रारंभ में ही इसके प्रेरणा गीत “हर दिन मंगल हो” की रचना की, जिसने अभियान को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। बाद में, अभियान के विस्तार के साथ ही उन्होंने एक और गीत “नव शक्ति ले, नव लक्ष्य ले…” लिखकर अभियान के उद्देश्यों को और भी सशक्त बनाया। वह लगातार अभियान से जुड़ी रही हैं और अपनी रचनाओं के माध्यम से इसके भावों को मूर्त रूप देती रही हैं।


यह सम्मान न केवल श्रीमतीअनीता जी के लिए, बल्कि पूरे मंगलमान परिवार के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि पर पूरा मंगलमान परिवार अत्यंत गर्व और आनंद का अनुभव कर रहा है। यह पुरस्कार उनकी सृजनात्मकता और समर्पण को एक और मंच प्रदान करता है।


श्रीमतीअनीता श्रीवास्तव ‘आख्या’ की लेखनी सदैव नवसृजन करती रहे, यही मंगलमान परिवार की शुभकामना है। उनके सम्मान ने न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान को रेखांकित किया है, बल्कि मंगलमान अभियान के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण को भी उजागर किया है। पूरा परिवार उनके प्रति आभार व्यक्त करता है और भविष्य में उनकी और भी सफलताओं की कामना करता है।


मंगलमान परिवार कीओर से श्रीमती अनीता श्रीवास्तव ‘आख्या’ को इस गौरवशाली उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और अभिनंदन! 💐🙏

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