प्रभु श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास हुआ। इस वनवास काल में श्रीराम ने कई ऋषि-मुनियों से शिक्षा और विद्या ग्रहण की, संपूर्ण भारत को उन्होंने एक ही विचारधारा के सूत्र में बांधा, लेकिन इस दौरान उनके साथ कुछ ऐसा भी घटा जिसने उनके जीवन को बदल कर रख दिया।जाने-माने इतिहासकार और पुरातत्वशास्त्री अनुसंधानकर्ता डॉ. राम अवतार ने श्रीराम और सीता के जीवन की घटनाओं से जुड़े ऐसे 200 से भी अधिक स्थानों का पता लगाया है, जहां आज भी तत्संबंधी स्मारक स्थल विद्यमान हैं, जहां श्रीराम और सीता रुके या रहे थे। वहां के स्मारकों, भित्तिचित्रों, गुफाओं आदि स्थानों Read More
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भाऊ राव देवरस सेवा न्यास के मार्गदर्शन में 'समर्थ भारत' अभियान द्वारा लखनऊ के निशातगंज केंद्र पर ब्यूटीशियन प्रशिक्षणार्थियों का प्रमाण...
अध्यक्ष गणेश ताम्रकार ने किया मार्गदर्शन, विशिष्ट अतिथि ने दिया 'शक्ति-भक्ति-युक्ति' से राष्ट्र मंगल का मंत्र लखनऊ, 30 नवंबर 2025:सामाजिक, सांस्कृतिक...
मंगलमान परिवार कीवरिष्ठ सदस्य, प्रतिभाशाली रचनाकार एवं गीतकार श्रीमती अनीता श्रीवास्तव 'आख्या' को उनकी साहित्यिक सेवाओं और मंगलमान अभियान में उल्लेखनीय...