कलयुग जब आगमन की ओर था तो सभी प्रमुख देवी देवताओं ने आर्यावर्त के अलग अलग स्थान चुन लिए ! भोले बाबा ने कैलाश चुन लिया तो श्री हरि क्षीर सागर चले गये माता रानी ने बाण गंगा कटरा कश्मीर चुन लिया……. सबने अपनी अपनी पसंद का निवास स्थान चुन लिया ।। इधर रामायण काल महाभारत काल दोनों युद्धों के प्रणेता श्री मारुति नंदन इसी धरा पर विराजमान रह गये…वो भी सशरीर। इसके पीछे कारण था की उनको उन सभी लोगों से प्रेम था जिनको प्रभु श्री राम प्रिय थे। हनुमान जी को राम कथा सुननी थी, यह धरती पर Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
📜 इंदिरा नगर में सिंधी समाज ने छठे बड़े मंगल पर लगाया छप्पन भोग सा भव्य भंडारा "हर दिन मंगल हो,...
"हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो छठे बड़े मंगल पर लखनऊ में...
लखनऊ के व्यस्ततम दैनिक जागरण चौराहे पर छठे बड़े मंगल पर राज चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पूर्णतः स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त भव्य...
लखनऊ में छठे बड़े मंगल पर तपती दोपहरी में लाखों श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराने वाले जेएमडी खत्री परिवार, अग्रवाल ऑयल...
लखनऊ के जानकीपुरम में छठे बड़े मंगल पर पार्षद राजकुमारी मौर्या के नेतृत्व और पीयूष सिंह चौहान की उपस्थिति में कार्तिकेय...