तीसरे बड़ा मंगल पर 55 स्थानों पर भक्तो तक पहुँचा ई-भंडारे का प्रसाद

दिनांक 26.05.2020 को मंगलमान अभियान के अंतर्गत आयोजित ही रहे ई- भंडारे का प्रसाद लखनऊ के 55 स्थानों पर वितरित किया गया। इनमे से 4 स्थान श्रमिक बंधुओ के, 35 स्थान सेवा बस्तियों के और 16 अन्य स्थान रहे। प्रातः 9;00 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रान्त के सह कार्यवाह श्री प्रशांत भाटिया, संस्कार भारती के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री गणेश ताम्रकर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश तिवारी, यूथ सिंधी क्लब के Read More

हर दिन बड़ा मंगल हो

?️?️?️ बड़ा मंगल मंगल होहर दिन बड़ा मंगल हो विकट आपदा काल में मंगलमान अभियान है स्वेद कणों से सींचते माँ भारती अभिमान है घर घर मंगलगान हो कहीं न कोई दंगल हो बड़ा मंगल मंगल हो हर दिन बड़ा मंगल हो सेवा का जो व्रत लिये पूर्ण उसे अब करना है भूखे पेट रहे न कोई संकल्प यही करना है कर्मवीर सब युद्ध लड़ें जंगल में भी मंगल हो बड़ा मंगल मंगल हो हर Read More

महापौर ने पूजा-अर्चना के साथ किया ई-भंडारे का शुभारम्भ

आज दिनांक 19.05.2020 को प्रातः 4:00 बजे से ही द्वितीय जेष्ठ मास के प्रसाद निर्माण का शुभारंभ कर दिया गया। इस बार के बड़े मंगल पर हनुमत भक्तों ने इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में पूर्ण समर्पण के साथ सहभागिता की। सोमवार को मंगलमान आयोजन समिति की बैठक में लिए गए निर्णय एवं ई-भंडारा आयोजकों की इच्छा के अनुरूप प्रसाद का वितरण प्रमुख रूप से प्रवासी मजदूरों एवं जरूरत मंद लोगों के बीच किए Read More

बड़ा मंगल पर ब्रह्म समाज का पुजारियों को अन्न दान

अखिल भारतीय ब्रह्म समाज द्वारा आज पहले बड़े मंगल के शुभ अवसर पर हर वर्ष की भांति भण्डारे का आयोजन किया गया! लाक डाउन के कारण इस वर्ष भण्डारे में उपाध्यक्ष श्रीमती संध्या बाजपेयी के आवास के पास स्थित तिलकेश्वर महादेव मंदिर, पकरी का पुल, आलमबाग, लखनऊ में प्याऊ की व्यवस्था उन सभी श्रमिकों के लिए की गई जो वीआईपी रोड से पैदल गुजर रहे हैं, इसका उद्घाटन लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया द्वारा Read More

बजरंग बली के जयकारे के साथ ई-भंडारा प्रारम्भ

जेष्ठ मास के आरंभ होते ही लखनऊ शहर में लगने वाले बड़े मंगल के भंडारों का सहज ही स्मरण हो जाता है। वर्तमान समय में कोविड 19 जैसी समस्या के चलते सभी हनुमत भक्तों के सामने यह प्रश्न था कि क्या इस बार बिना भंडारों की ही जेष्ठ मास बीत जाएगा? इसी विचार को केंद्र में रखते हुए मंगलमान ने महापौर के आशीर्वाद से ई-भंडारों की कल्पना की तथा इस कल्पना को धरातल पर मूर्तरूप Read More

मंगलमान पर शुरू हुए रजिस्ट्रेशन, बड़े मंगल पर लखनऊवासी करेंगे ई-भंडारा

कल से प्रारम्भ हो रहे ज्येष्ठ के “बड़े मंगल” पर लॉकडाउन के चलते राजधानी के भक्तों के लिए महापौर संयुक्ता भाटिया ने “ई-भंडारा” की व्यवस्था की है। इसके लिए लखनऊवासियों ने महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया द्वारा प्रेरित mangalman.in वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन भी किये। ‘ई-भंडारा’ के अंतर्गत भंडारा संचालक भक्त ‘मंगलमान वेबसाइट’ पर रेजिस्ट्रेशन कर पास की ही कम्युनिटी किचन में भंडारा सामग्री मंगलमान के कार्यकर्ताओं के सहयोग से दान कर सकेंगे। जिससे उस सामग्री को Read More

बड़ा मंगल पर ई-भंडारा- महापौर

प्रेस विज्ञप्ति मा0 महापौर, लखनऊ नगर निगम दिनांक – 10.05.2020 स्थान – वर्चुअल मीटिंग लखनऊ की श्रेष्ठ परम्पराओ में से एक पावन परंपरा है- ग्रीष्म काल अर्थात ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगल को लगने वाले भंडारे। जिसमे मानव ही क्या पशु पक्षी सभी की आत्मा को तृप्त करने का सामर्थ्य है। लखनऊ वासी इस अवसर पर भंडारा आयोजित करके प्राणी मात्र की सेवा का अवसर पाते है। जेठ का माह प्रारम्भ हो गया Read More

ई-भण्डारा- संभावित प्रश्नोत्तरी

[DISPLAY_ULTIMATE_SOCIAL_ICONS] ई-भंडारे का आयोजन अत्यंत ही सरल है जिसे आप आसानी से कर सकते है। ई-भंडारा के माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है। इसके बारे में आपके मन मष्तिष्क में उठाने वाले प्रश्नो के उत्तर देने का यहां यथोचित प्रयास किया गया है। ई-भण्डारा क्या है? ई-भंडारा परंपरागत रूप से लगाए जाने वाले भण्डारो का संवर्धित स्वरुप है। यहां ई-भंडारा Read More

ई-भण्डारा कैसे लगाये ?

कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई विशेष परिस्थितियों के चलते २०२० के ज्येष्ठ के मंगलो (बड़ा मंगल) का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। आज की आवश्यकता हर मंगल को बड़ा मंगल और हर दिन को मंगल करने की है। परन्तु लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टैन्सिंग के दिशा-निर्देशों के परिपेक्ष्य में परंपरागत स्वरुप में भंडारों का आयोजन अत्यंत ही दुरूह कार्य है।

ई-भण्डारा क्या है?

[DISPLAY_ULTIMATE_SOCIAL_ICONS] ई-भंडारा परंपरागत रूप से लगाए जाने वाले भण्डारो का संवर्धित स्वरुप है। इसके माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है। लखनऊ की श्रेष्ठ परम्पराओ में से एक पावन परंपरा है- ग्रीष्म काल अर्थात ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगल को लगने वाले भंडारे। जिसमे मानव ही क्या पशु पक्षी सभी की आत्मा को तृप्त करने का सामर्थ्य है। लखनऊ Read More