कोरोना के प्रकोप से पूरा देश कराह रहा है। बहुत से लोग शहर में बाहर से पढ़ने, कमाने या फिर किसी और काम से आये थे और फंस गए हैं। अनेको के पास रहने, खाने का कोई इंतजाम नहीं है। कई लोग रेस्टोरेंट या ठेले पर बाटी-चोखा, पुड़ी-सब्जी खाकर पेट भरते थे। लॉक डाउन होने के कारण वे भी फस गए है और भूखे सो रहे हैं। शहरी गरीबों की स्थिति तो और भी दयनीय है। जो लोग देहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे उनके काम धंधे बंद हो जाने के कारण अत्यंत ही दीन हीन अवस्था में Read More
कार्यक्रम सूचनाएं
"सृष्टि कितनी भी बदल जाए, भौतिक साधनों से पूर्ण सुख नहीं मिल सकता। लेकिन हमारी दृष्टि का एक छोटा सा सकारात्मक...
लखनऊ की सुप्रसिद्ध बड़ा मंगल परंपरा के तहत श्री राम कॉलोनी में आयोजित हुआ भव्य 'स्वच्छ हरित भंडारा'। मंगलमान अभियान के...
"लखनऊ के गोमती नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सुंदरकांड एवं...
"लखनऊ की ऐतिहासिक 'बड़ा मंगल' परंपरा में आस्था और पर्यावरण चेतना का एक अद्भुत संगम! जहाँ चारों ओर पूड़ी-सब्जी के भंडारे...
जीवन केवल सांस लेने या दिन काटने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक उत्सव है जिसे 'उच्च विचारों' की ऊर्जा...