ई-भंडारे का आयोजन अत्यंत ही सरल है जिसे आप आसानी से कर सकते है। ई-भंडारा के माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है। इसके बारे में आपके मन मष्तिष्क में उठाने वाले प्रश्नो के उत्तर देने का यहां यथोचित प्रयास किया […]

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कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई विशेष परिस्थितियों के चलते २०२० के ज्येष्ठ के मंगलो (बड़ा मंगल) का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। आज की आवश्यकता हर मंगल को बड़ा मंगल और हर दिन को मंगल करने की है। परन्तु लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टैन्सिंग के दिशा-निर्देशों के परिपेक्ष्य में परंपरागत स्वरुप में भंडारों का आयोजन अत्यंत ही दुरूह कार्य है।

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ई-भंडारा परंपरागत रूप से लगाए जाने वाले भण्डारो का संवर्धित स्वरुप है। इसके माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है। लखनऊ की श्रेष्ठ परम्पराओ में से एक पावन परंपरा है- ग्रीष्म काल अर्थात ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगल को […]

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