भण्डारे

ई-भंडारे हेतु समर्पण

ई-भंडारा परंपरागत रूप से लगाए जाने वाले भण्डारो का संवर्धित स्वरुप है। यहां ई-भंडारा का अर्थ है- Easy, Economic, Environmental friendly, Electronically empowered, Effective Bhandara.

इसके माध्यम से कम श्रम, शक्ति, संसाधन लगाकर अत्यधिक पर्यावरण केंद्रित, सामाजिक सरोकार से युक्त, प्रभावी भंडारे का आयोजन किया जा सकता है।

इस सेवा का सञ्चालन मंगलमान अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है। मंगल भाववर्धन का अभियान ही मंगलमान है। यह लखनऊ की बड़े मंगल की श्रेष्ठ परंपरा को विश्व फलक पर प्रतिष्ठापित करने का अभियान है।

हर दिन मंगल हो, हर मंगल बड़ा मंगल हो, बड़ा मंगल से राष्ट्र मंगल हो – यही हमारा भाव है ।

प्रसाद का निर्माण स्वच्छता एवं पवित्रता से परिपूर्ण आध्यात्मिक केन्द्रो पर किया जाता है तथा इसका वितरण नगर निगम  एवं सहयोगी संस्थाओ से समन्यवय करके किया जाता है।

भंडारे का आयोजन आप अपनी श्रद्धा, शक्ति, समर्पण के अनुरूप कर सकते है। आप इस हेतु कच्चा राशन जैसे  आटा , चावल, दाल, छोला, घी, तेल, मसाले आदि का समर्पण कर सकते है। सामान्यतयः प्रति व्यक्ति पके प्रसाद पर २१ रूपये तक का खर्च आता है। जैसे- १०० व्यक्तियों के भंडारे पर (१०० x २१ => २१०० /- )। 

सेवा एवं सहयोग प्रदान करने हेतु निम्न फॉर्म के माध्यम से अपना संकल्प व्यक्त कर सकते है।

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Donation Total: ₹2,100.00


भण्डारे @2019